Monday, February 9, 2026
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नेपाल संकट 2025: राष्ट्रपति पौडेल, केपी ओली इस्तीफा और सीमा सुरक्षा

नेपाल संकट 2025: सत्ता और सीमा सुरक्षा

नेपाल में वर्तमान राजनीतिक संकट और अस्थिरता

सप्तंबर 2025 में नेपाल राजनीतिक उथल-पुथल और कानून-व्यवस्था की कमी के जटिल दौर से गुजर रहा है। प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के इस्तीफे, राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल की गुमनामी और कपिलवस्तु जेल से 459 कैदियों के फरार होने ने स्थिति संवेदनशील बना दी है।

प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली का इस्तीफा और प्रभाव

प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के इस्तीफे ने सरकार की कार्यकुशलता प्रभावित की। इससे प्रशासनिक नियंत्रण अस्थायी रूप से प्रभावित हुआ और संवैधानिक ढांचे के अनुसार राष्ट्रपति के पास अस्थायी सर्वोच्च अधिकारों का प्रयोग होने लगा।

राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल की भूमिका और वास्तविक नियंत्रण

राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल को सेना ने हेलीकॉप्टर से सुरक्षित स्थान पर ले जाया। वर्तमान में उनका वास्तविक नियंत्रण अज्ञात स्थान से चल रहा है। उन्होंने Gen-Z आंदोलन के प्रतिनिधियों को बातचीत के लिए आमंत्रित किया। संविधान के अनुसार राष्ट्रपति ही सेना के सुप्रीम कमांडर भी हैं, इसलिए इस समय देश का अस्थायी नेतृत्व उन्हीं के हाथ में है।

नेपाली सेना की भूमिका और कर्फ्यू लागू करना

नेपाली सेना ने स्थिति नियंत्रण में रखने के लिए कर्फ्यू लगाया और शहरों में तैनाती बढ़ाई। सेना ने न केवल सुरक्षा बहाल करने का कार्य किया, बल्कि राजनीतिक मध्यस्थ के रूप में भी कदम उठाया।

कपिलवस्तु जेलब्रेक: 459 कैदी फरार और कानून-व्यवस्था की चुनौती

कपिलवस्तु जिला कारागार से लगभग 459 कैदी फरार हो गए। जेल पर हमले और कैदियों के भागने ने कानून-व्यवस्था की कमी को उजागर किया। इससे सीमा पार सुरक्षा और पड़ोसी देशों के लिए भी खतरा बढ़ गया।

भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा सतर्कता और एसएसबी की भूमिका

फरार कैदियों और बढ़ती अशांति के चलते भारत ने सीमा पर सुरक्षा बढ़ा दी। एसएसबी ने गश्त और तलाशी तेज की, फ्लैग मार्च किए और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी। सीमावर्ती क्षेत्रों में हर आने-जाने वाले की सघन जांच की जा रही है।

Gen-Z आंदोलन और भ्रष्टाचार विरोधी प्रदर्शन

प्रारंभिक रूप से सोशल मीडिया प्रतिबंध के विरोध में शुरू हुआ प्रदर्शन अब व्यापक भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन में बदल गया है। युवा, विशेषकर Gen-Z, इसके सक्रिय नेता बनकर उभरे। उनका मुख्य उद्देश्य नेपाल में भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन और राजनीतिक बदलाव है।

आम नागरिकों और अर्थव्यवस्था पर असर

कर्फ्यू, संचार व्यवधान और बाजार बंद होने से आम नागरिकों की जिंदगी प्रभावित हुई है। रोज़मर्रा के व्यापार और आर्थिक गतिविधियों पर असर पड़ा है। गरीब और सीमांत समुदाय सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं।

भविष्य की संभावनाएँ और राजनीतिक समाधान

  • सैन्य-समर्थित अंतरिम शासन
  • राजनीतिक समझौता और अंतरिम सरकार
  • लंबी अवधि की अस्थिरता और हिंसा

निष्कर्ष: अस्थिरता से स्थिरता की ओर

नेपाल फिलहाल अस्थिर है। राष्ट्रपति और सेना ने अस्थायी नियंत्रण लिया है। स्थिरता तभी आएगी जब राजनीतिक दल जन-आंदोलन की वास्तविक माँगों के आधार पर समझौता और समावेशी समाधान निकालेंगे। जन-हित और सुरक्षा सुनिश्चित करना आवश्यक है।

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